शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

सारे सहारे खो जायेंगे

एक दिन आंखों से उजाले ओझल हो जाएंगे
जिनको जीवन भर चाहा, वो सारे सहारे खो जायेंगे
हाथ तेरे न फिर कुछ भी होगा, सबसे किनारे हो जाएंगे
कहां रहा कोई साथ सदा, सब खुदा के प्यारे हो जाएंगे ॥

नफरत से न नाता जोड़ो, ये फूल अंगारे हो जाएंगे
प्रेम बिना यहां पल भी भारी, बिन प्रेम नकारे हो जाएंगे
तेरे आंसू की यहां कीमत क्या है, केवल दर्द तुम्हारे हो जाएंगे
प्रेम की भाषा पंछी भी जानें, इक दिन सपनों में सब खो जाएंगे ॥

खोज खबर अब खुद की भी ले ले, सदा नहीं जीवन के मेले
खोजोगे जो खुद के भीतर, उस दिन अंदर उजाले हो जाएंगे
खाली रहेगा पड़ा जिस्म ये, उस दिन लोगों के अंदाज निराले हो जाएंगे
ख़बर तेरी फिर किसको होगी, सब खास तुम्हारे खो जाएंगे ॥

एक दिन आंखों से उजाले ओझल हो जाएंगे
जिनको जीवन भर चाहा, वो सारे सहारे खो जायेंगे ॥

सुशील कुमार पटियाल

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