सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

न चिन्ता हो

न भूत की चिन्ता
न भविष्य की चिन्ता
न चिन्ता हो वर्तमान की
सब कुछ तुम ही तो करते हो कृष्ण
बस ध्यान रहे यह बात ज्ञान की
न भूत की चिन्ता
न भविष्य की चिन्ता
न चिन्ता हो वर्तमान की ॥

इन अंखियों में बस तुम बस जाओ
इस धोखे वाली दुनिया से
अपना यह नाता तोड़ दिया
अब तुम ही एक सहारा हो
अब तुम ही मेरे प्यारे हो
तुम से ही प्रीत बंद हे मेरी
दूर रहे हर बात अज्ञान की
न भूत की चिन्ता
न भविष्य की चिन्ता
न चिन्ता हो वर्तमान की ॥

सुशील कुमार पटियाल
© Copyright

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for loving me

Thanks for loving me

Bye bye dear

Bye bye dear