सोमवार, 11 मई 2015

कितनी रातें, कितने दिन

कितनी रातें, कितने दिन
बीत गये
पर फिर भी सबको लगता है
हम जीवन की जंग जीत गये
पल-पल सांसे खर्च हो रहीं
देह की हर कोई परत हो खो रही
खत्म हो रहा जीवन पल पल
पर फिर भी सबको लगता है
हम मौत से जंग जीत गये।।

             सुशील कुमार पटियाल

Thanks for loving me

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Bye bye dear

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