शनिवार, 25 अगस्त 2012

वक्त बडा बलवान

 ये वक्त बडा बलवान है
हर जीव की इसे पहचान है
समझे हो कोई ग्यानी-ध्यानी
भला समझे कैसे जो नादान है
ये वक्त बडा बलवान है।। 

वक्त जो चाहे
बस वही है होता
कोई पाता सब कुछ
कोई सब कुछ खोता
वक्त ना देखे
हो कोई निर्धन
चाहे कोई धनवान है
ये वक्त बडा बलवान ।।

सब को पता है सब ने मरना
सब कहते क्या मौत से डरना
फिर भी भरा क्यों -
हम सब के दिलों में अभिमान है
ये वक्त बडा बलवान है।।
                                      
                                    सुशील कुमार पटियाल

    
 

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

दयनीय दशा है





दयनीय दशा है भारत की
बह रही गंगा स्वार्थ की
भला-भलाई मृत पडे हैं
अर्थी उठ रही परमार्थ की
         दयनीय दशा है भारत की ।।
अपना सब को स्वार्थ दिखता है
अब लेखक खुद के खातिर लिखता है
माना पहले थी दास प्रथा
पर आज खुद देखो इन्साँ बिकता है

इन्साँ का हृदय पत्थर हुआ है
और करता बात यथार्थ की
भला-भलाई मृत पडे हैं
अर्थी उठ रही परमार्थ की
         दयनीय दशा है भारत की ।।

सुशील कुमार पटियाल

Thanks for loving me

Thanks for loving me

Bye bye dear

Bye bye dear